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राज्य में ग्रोथ सेंटरो के माध्यमों से स्थानीय लोगों को मिलेंगे रोजगार: मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह

11 नए ग्रोथ सेंटर स्वीकृत, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

दी टॉप टेन न्यूज़ देहरादून

राज्य में लंबे समय से लगे लॉक डाउन के कारण जहां अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है वही धीरे धीरे इस अर्थव्यवस्था को बढ़ाने और स्थानीय लोगों के साथ-साथ अन्य राज्यों से लौटे उत्तराखंड वासियों को रोजगार दिलाने के लिए राज्य सरकार रणनीति तय कर रही है इस संबंध में जानकारी देते हुए राज्य के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। ऐसे ही एक निर्णय किया गया है कि आराकोट में मंडी परिषद के माध्यम से सेब का सोर्टिंग व ग्रेडिंग सेंटर बनाया जाएगा। इससे हमारे सेब के उत्पादकों को अच्छी कीमत मिलेगी।

प्रदेश में पहले से 83 ग्रोथ सेंटर स्थापित हैं। हाल ही में प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 11 नए ग्रोथ सेंटर को मंजूरी दी गई है। इनमें पिथौरागढ़ के  मुन्स्यारी में पक्षी पर्यटन, चमोली के गैरसैंण में मसाला व देवाल में शहद, नैनीताल के कोटाबाग में शहद और आर्गेनिक उत्पाद, रामगढ़ में खाद्य प्रसंस्करण, अल्मोड़ा में नेचुरल फाईबर, ऊधमसिंहनगर के गदरपुर में मसाला, जसपुर में दुग्ध व उच्च गुणवत्ता की रजाई, उत्तरकाशी के रैथल में साहसिक पर्यटन पर आधारित ग्रोथ सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसी प्रकार भीमताल में बेकरी, रामनगर में सोवेनियर, बागजला में ऐंपण के ग्रोथ सेंटर को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। इन ग्रोथ सेंटर से युवाओं और स्थानीय लोगों को आजीविका के अवसर मिलेंगे।

मनरेगा के 18 हज़ार कार्य संचालित 2 लाख 44 हजार श्रमिक कार्यरत

राज्य में इन ग्रोथ सेंटरों के अलावा भी मनरेगा के माध्यम से श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में सभी जिलों में मनरेगा के काम चल रहे हैं 18 हजार से अधिक मनरेगा के कार्यों में 2 लाख 44 हजार श्रमिक लगे हैं। 9760 नए जॉब कार्ड बनाए गए हैं इनमें से 6400 को काम भी उपलब्ध कराया गया है।

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