The Top Ten News
The Best News Portal of India

प्रधान संगठन की याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

दीपक फुलेरा
नैनीताल- प्रदेश में जल्द ही पंचायती चुनावो का बिगुल बजने वाले है। वही पंचायतों में दो से अधिक बच्चो व शैक्षिक अनिवार्यता के खिलाफ हाईकोर्ट गए प्रधान संगठनों की याचिका की सुनवाई में माननीय हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

पंचायतों की याचिका पर आज दूसरे दिन लगातार दो घंटे की सुनवाई के बाद मा0 न्यायालय ने जंहा अपना फैसला सुरक्षित कर दिया है। वही मनोहर आर्या (प्रधान संगठन) बनाम सरकार एवं 5 अन्य याचिका पर जिनमें याचिका कर्ताओं द्वारा 2 से अधिक बच्चे वालों पर चुनाव लड़ने पर रोक लगाने के अलावा 3 अन्य बिंदुओं पर याचिकाकर्ता मनोहर आर्या की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता श्री बी डी उपाध्याय ने अपना पक्ष रखते हुए पूर्व में मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा विभिन्न मामलों में दिये गए फैसलों को नजीर के रूप में पेश किया। अधिवक्ता बी डी उपाध्याय ने कहा कि सरकार को अधिकार है कि वह कानून बनाये, लेकिन सरकार को यह भी बताना चाहिए कि जो कानून बना है, जिस से कई हजार लोग चुनाव लड़ने से वंचित हो रहे हैं, इस से क्या हासिल होगा। इस पर सरकार की तरफ से कहा गया कि परिवार नियोजन व जनसंख्या नियंत्रण इस कानून को बनाने का उद्देश्य है। अब ऐसे में सभी की उम्मीद मा0 न्यायालय के फैसले पर है, क्योंकि जिनके पहले ही 2 से अधिक संतान हैं उनको चुनाव लड़ने से रोकने पर कैसे जनसंख्या नियंत्रण होगा, इसका कोई ठोस जबाब सरकार के पक्ष से नहीं आया।
याचिका कर्ताओं की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता श्री महेंद्र सिंह पाल, श्री विपुल शर्मा, श्री कांडपाल, श्रीमती बेलवाल, श्री भट्ट आदि ने पैरवी की, जबकि सरकार का पक्ष एडवोकेट जनरल श्री बाबुलकर ने रखा।

वही हाईकोर्ट के इस मामले में सुनवाई के बाद जंहा याचिकाकर्ता अपने पक्ष में क्या फैसला आता है इस बात को लेकर उत्सुकता है। तो वही माननीय हाईकोर्ट का फैसला ही अब तय करेगा कि इस बार के पंचायती चुनावी समर में नए नियम के हिसाब से ही चुनाव होंगे या प्रधान संगठनों की याचिका के बाद पंचायती चुनाव के नए नियमो के बाद वंचित होने वाले सेकड़ो लोगो को कोर्ट के फैसले के अपने पक्ष में आने से राहत मिल पाएगी या नही।

Comments are closed.