The Top Ten News
The Best News Portal of India

खटीमा की बेटी ने माउंट गोलेप कांगरी चोटी फतेह कर किया देवभूमि का नाम रोशन


कश्मीर का आतंकवाद भी न डिगा पाया प्रीति के हौसले

दीपक फुलेरा-
दी टॉप टैन न्यूज़(खटीमा)- अगर आपके दिल मे सच्ची लगन व जज्बा हो तो कैसी भी ऊंचाइयां आपकी उड़ान को नही रोक सकती।ऐसा ही जज्बा लिए सीमान्त खटीमा की बेटी प्रीति पोखरिया ने कश्मीर के *माउंट गोलेप कांगरी* की चोटी को फतह करके उत्तराखण्ड का नाम रोशन किया है। कश्मीर की 19500 फिट की ऊँचाई वाले इस शिखर को अपने दल में शामिल सभी लड़कियों में सबसे पहले प्रीति ने हासिल किया है। प्रति की तमन्ना भविष्य के सातों सबसे ऊँचे शिखरों में फतह प्राप्त करने की है। 
आइये सीमान्त क्षेत्र की इस जांबाज लड़की प्रीति से आपका परिचय कराते है। खटीमा के खेतलसंडा वार्ड नम्बर 12 निवासी एक्स आर्मी मैन कै.लक्ष्मण सिंह पोखरिया के परिवार में जन्मी प्रीति बचपन से ही साहसिक कार्यो के प्रति रुचि रखती थी।शैक्षिक रुझान की बात करे तो प्रीति पोखरिया एमएससी माइक्रोबायोलॉजी कर वर्तमान में  दिल्ली में नौकरी करती है।बचपन से ही पिता जी की आर्मी सर्विस के दौरान उनके साथ रही प्रीति सबसे पहले अपने पिता से तब प्रेरित हुई जब वो HMI दार्जलिंग में स्ट्रेक्टर थे। वही बड़े भाई दीपक पोखरिया जो वर्तमान में  (राफ्टिंग ट्रेनर कु.म.वि. निगम)  में कार्यरत है उनसे भी साहसिक खेलो की तरफ आकर्षित हुई।अपनी इसी लगन के चलते प्रीति ने अपनी नौकरी से जमा पूंजी से घर मे बिना बताएँ कश्मीर जाकर माउंटट्रेरिग के तीन कोर्स किये।

मात्र 3 हफ़्ते पहले ही जिस कश्मीर से धारा 370 हटने पर आतंकवादी घटनाएं हो रही हो वहां पर प्रीति व उसके साथी 28 अगस्त को जब श्रीनगर एयर पोर्ट से उतरकर बाहर निकले तो स्थानीय युवकों द्वारा उन साथ बदसलूकी की वारदात भी की गई।लेकिन दूर खड़े सैनिकों ने उन्हें वहां से  सुरक्षित निकालकर  उनके ट्रेनिग स्थल सोनमार्ग के लिये बस में बिठाया।वहीसोनमार्ग व द्रास सेक्टर से पहले गुमरी में 24 दिन की ट्रेनिग करने के पश्चात ।उनके 42 सदस्यीय दल में जिसमे 9 लड़किया थी उन्हें दो चोटी चढ़ने के  विकल्प दिये गए। एक विकल्प था माउ. स्टॉक कांगरी व दूसरा था माउ. गोलेप कांगरी।
माउ. गोलेप कांगरी(19500फिट) की ऊँचाई पर स्थित नया व कठिन टास्क था।लेकिन उत्तराखण्ड की इस बहादुर बेटी प्रीति ने कठिन टास्क को ही चुन अपनी टीम के साथ इस चोटी को फतह करने निकल पड़ी। अपने दल की 9 लड़कियों में चोटी फतह करने वाली 3 लड़कियों में प्रीति सबसे पहले इस चोटी को फतह करने वाली लड़की थी।
वही इस उत्तराखंडी बेटी प्रीति का कहना है कि लक्ष्य के प्रति आपका समपर्ण सच्चा हो तो कठिन से कठिन परिस्थितियां भी आपके लिए अनुकूल बनती चली जाती है। प्रीति की भविष्य की योजनाओं में विश्व की सातों उच्च चोटियां को फतह करना है। वही प्रीति बेटी पढ़ाओ बेटी बढ़ाओ का संदेश देते हुए बेटियों को भी आगे बढ़ाने की बात करती है। क्योंकि उनके अनुसार बेटियां भी अपने माता पिता व देश का नाम रोशन कर सकती है।फिलहाल प्रीति की इस सफलता से जंहा खटीमा क्षेत्र के लोग अपने आप को गौरवांवित महसूस कर रहे है। वही प्रीति के उज्वल भविष्य की कामना करते हुए उसके भविष्य की योजनाओं में भी खटीमा की बहादुर बेटी के शत प्रतिशत सफल होने की पूरी उम्मीद लगा रहे है।

Comments are closed.