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कैंची धाम स्थापना दिवस पर जाने बाबा नीमकरोरी महाराज की महिमा

दी टॉप टेन न्यूज़ अल्मोड़ा

कमल कपूर अल्मोड़ा

नीम करौली बाबा कौन हैं !

नीम करौली बाबा जी एक महान गुरु थे जिन्हे हिन्दू धर्म में बहुत माना जाता है. कुछ लोग इन्हे नीम करोरी बाबा के रूप में भी जानते हैं. इन्हे इनके श्रद्धालु महाराज जी कह के पुकारते हैं. ये भगवान हनुमान के
बहुत बड़े भक्त थे. ये भारत में ही नहीं बल्कि बाहर के देशो में भी काफी प्रशिद्ध हैं. ये कई श्रद्धालुओं के गुरु रह चुके हैं. इनके अमेरिका में भी बहुत सारे श्रद्धालु हैं. इनके कई स्थानों में आश्रम हैं जैसे की वृन्दावन,
ऋषिकेश, शिमला, कैंची आदि. इनका मुख्य मंदिर नीब करोरी में है जो की एक गांव है उत्तर प्रदेश में. ये गांव खिमसेपुर, फर्रुखाबाद में आता है.

नीम करौली बाबा का इतिहास

इनका जन्म 11 सितम्बर 1900 में गांव अकबरपुर, फ़िरोज़ाबाद, उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ. इनका परिवार एक ब्राह्मण परिवार था. इनकी शादी मात्र 11 वर्ष की आयु में करा दी गयी थी. जिसके बाद इन्होने
साधु बनने का फैसला किया. बाद में जब इनके पिता ने इन्हे समझाया तब ये घर बापस आये और अपना सांसारिक धर्म पूर्ण किया। इनके दो बेटे और एक बेटी थी.

इनकी मान्यता के अनुसार एक कहानी है जिसे सुन के लोगों के मन में इनके प्रति श्रद्धा बढ़ जाती है. दरसल बात 1958 की है जब ये और बाबा लक्सम दास बिना टिकट के ट्रैन में सवारी कर रहे थे. तभी वहां
ट्रैन का टिकट कंडक्टर आया और इनसे टिकट मांगी लेकिन इनके पास टिकट नहीं थी तो उसने इन्हे ट्रैन से उतरने को कहा और जहां उतरने को कहा वो स्थान नीब करोरी गांव था जो जिला फर्रुखाबाद में पड़ता है.

जब उन्हें ट्रैन से उतार दिया गया तो कडंक्टर क्या देखता है की ट्रैन दोबारा चल ही नहीं पा रही. काफी प्रयास किये गए लेकिन ट्रैन नहीं चली तो सबने कंडक्टर से बाबा जी को दोबारा से ट्रैन में बिठाने को कहा और
तब कंडकटर को अपनी गलती समझ आयी और उन्होंने बाबा को ट्रैन में बैठने का आग्रह किया लेकिन बाबा नहीं माने जब सबने अधिक बोला तो उन्होंने कहा ठीक है लेकिन इसी स्थान पे पहले रेलवे को स्टेशन
बनवाना पड़ेगा। तब ये ही मै बैठूंगा तब सभी ने वादा किया और बाबा ट्रैन में बैठे तो ट्रैन चली दी.

उसके बाद वहां बाबा का भव्य मंदिर भी बनवाया गया और रेलवे द्वारा वहां स्टेशन का भी निर्माण हुआ. जो नीब करोरी के नाम से जाना जाता है.

कैंची धाम आश्रम और मंदिर निर्माण

बाबा जी ने अपना मुख्य आश्रम नैनीताल (उत्तराखण्ड) की सुरम्य घाटी में कैंची ग्राम में बनाया। यहां बनी रामकुटी में वे प्रायः एक काला कम्बल ओढ़े भक्तों से मिलते
थे।

बाबा ने देश भर में 12 प्रमुख मंदिर बनवाये। उनके देहांत के बाद भी भक्तों ने 9 मंदिर बनवाये हैं। इनमें मुख्यतः हनुमान जी के प्रतिमा है। बाबा चमत्कारी पुरुष थे। अचानक गायब या प्रकट होना, भक्तों की कठिनाई को भांप कर उसे समय से पहले ही ठीक कर देना, इच्छानुसार शरीर को मोटा या पतला करना, आदि कई चमत्कारों की चर्चा उनके भक्त करते हैं।

बाबा का प्रभाव इतना था कि जब वे कहीं मंदिर स्थापना या भंडारे आदि का आयोजन करते थे, तो ना जाने कहां से दान और सहयोग देने वाले इकठे हो जाते थे और वह काम भली भांति पूरा हो जाता था।

लेकिन जब बाबा जी को लगा कि उन्हें शरीर त्याग देना चाहिए, तो उन्होंने भक्तों को इसका संकेत कर दिया। इतना ही नहीं उन्होंने अपने समाधि स्थल का भी चयन कर लिया था।

कैंची धाम – बिगड़ी तकदीर बनाने वाला हनुमान मंदिर
नैनीताल के कैंची धाम स्थित हनुमान मंदिर, आज किस्मत बनाने वाले करोली बाबा के नाम से विश्व भर में विख्यात है। नीम करोली बाबा को हनुमान का एक रूप भी बताया जाता है। बाबा के भक्तों में एप्पल
कंपनी के मालिक स्टीव जॉब्स भी आते थे। आज फेसबुक प्रमुख मार्क जुकरबर्ग और हॉलीवुड अभिनेत्री जूलिया रॉबर्ट्स बाबा की भक्त हैं। वर्तमान में बाबा तो समाधी ले चुके हैं किन्तु कहते हैं कि हनुमान जी का
यह मंदिर बिगड़ी तकदीर बना देता है। देश-विदेश समेत हज़ारों लोग यहाँ अपनी बिगड़ी तक़दीर को बनवाने आते
हैं।

कैंची धाम उत्तराखंड के नैनीताल जिले में भवाली-अल्मोड़ा/रानीखेत राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पर स्थित है। 24 मई 1962 को बाबा ने पावन चरण उस भूमि पर रखे, जहां वर्तमान में कैंची मंदिर स्थित है।
15 जून 1964 को मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति की प्रतिष्ठा की गई और तभी से 15 जून को प्रतिष्ठा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

आज कैची धाम स्थापना दिवस पर भक्त नहीं कर पाए पूजा अर्चना

कैंची धाम मंदिर की स्थापना आज से 56 वर्ष पूर्व में हुई थी तब से लगातार 15 जून को कैंची धाम मंदिर में स्थापना दिवस मनाया जाता है और इस अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन होता है जिसमें
बाबा नीमकरोरी महाराज के लाखों भक्त देश विदेशों से दर्शन के लिए आते हैं बाबा के भक्तों में सामान्य लोगों से लेकर बॉलीवुड से हॉलीवुड तक के सितारे गिने जाते हैं वही फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग
तक बाबा के दर्शनों के लिए यहां आ चुके हैं। पूर्व विश्व सुंदरी और बॉलीवुड स्टार प्रियंका चोपड़ा कि बाबा में अगाध श्रद्धा के कारण समय-समय पर कैंची धाम मंदिर में आती रही हैं बाबा के बारे में कहा जाता
है कि एक बार जो भक्त यहां आकर बाबा के दर्शन कर लेता है उसकी बिगड़ी किस्मत भी संवर जाती है।
लेकिन इस साल कोरोनावायरस के कहर के कारण यह 56 वर्ष पुरानी परंपरा में आज विघ्न पड़ा और कैंची धाम परिसर में सन्नाटा ही छाया रहा हां आसपास के भक्त दूर से ही बाबा नीमकरोरी को नमन कर
आशीर्वाद लेते दिखाई दिए कैंची धाम मंदिर में सिर्फ पुरोहित और आयोजकों द्वारा ही पूजा अर्चना की गई।

पिछले साल इस दिन जहां मंदिर में भक्तों का तांता लगा था वही बाबा के अनेक भक्त 2 सप्ताह पूर्व से ही जुटना शुरू हो गए थे और पूरे जोश से भंडारे का आयोजन किया था क्योंकि भक्त इस मौके का
पूरे साल बेसब्री के साथ इंतजार करते हैं लेकिन इस साल कोरोनावायरस संक्रमण के खतरे को देखते हुए भंडारे का आयोजन नहीं हो पाया और मेला नहीं लगा वहीं इस साल बाबा नीम करोली के भक्त कुछ
मायूस तो हो गए लेकिन अगले साल दोगुने जोश के साथ स्थापना दिवस मनाने की बात कह रहे हैं और आज अपने अपने घरों से ही बाबा को नमन कर खुश हो रहे हैं।

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