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एक्सक्लूसिव- भर्ती उत्तराखण्ड की बिक रहे यूपी के स्टॉम्प,आर्मी भर्ती मे बड़ा खेल

बनबसा आर्मी भर्ती रैली में छावनी परिसर के अंदर बेचे जा रहे यूपी के महंगे स्टॉम्प

दीपक फुलेरा

दी टॉप टैन न्यूज़(बनबसा)– चम्पावत जिले के बनबसा आर्मी केंट में 21 सितंबर से एआरओ पिथौरागढ़ द्वारा कुमाऊं के 6 जिलों के अभ्यर्थीर्यों के लिए आर्मी भर्ती का आयोजन किया जा रहा है। भर्ती रैली के तीसरे दिन भर्ती स्थल से एक बड़ी खबर सामने आई है।आर्मी केंट एरिया के अंदर भर्ती स्थल के पास ही भर्ती में आये अभ्यर्थीर्यों को यूपी के स्टॉम्प महंगे दामो पर बेचे जा रहे है।जबकि भर्ती में शामिल युवाओ के पास उत्तराखण्ड सरकार द्वारा जारी ई स्टॉम्प पेपर पहले से ही मौजूद है।इस खेल से भर्ती में आ रहे कुमाऊं के सैकड़ों युवाओ को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

बनबसा सेना भर्ती रैली में यह सारा खेल उत्तर प्रदेश से आये वो लोग चला रहे है  जिनको एआरओ ने भर्ती स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए हायर किया हुआ है। इन लोगो की भर्ती स्थल पर ही केंटीन,फोटो स्टेट आदि की दुकान भी है। जिसमे भर्ती में आये युवा फोटो स्टेट या अन्य कार्यो से पहुँच रहे है। इन लोगो द्वारा भर्ती में शामिल युवाओ को यह बताया जा रहा है कि शपत पत्र के लिए वो जो ई स्टॉम्प साथ लाये है वह नही चल रहा है।भर्ती में शामिल युवाओ को बरगला कर यूपी के वाराणसी से एडवांस में नोटरी कर लाये गए सेकड़ो स्टॉम्प 150 से 250 रुपयों तक बेचे जा रहे है।वही इस पूरे मामले का मास्टर माइंड मोहम्मद सलमान नाम का युवक है जो बनबसा आर्मी भर्ती में सीसीटीवी मोनिटरिंग का काम देख रहा है।उसके द्वारा ही भर्ती स्थल में अपनी टीम के साथ मिलकर यूपी के स्टॉम्प बेचे जा रहे है। जबकि इन स्टॉम्प में वाराणसी के एस के पांडे नामक वकील द्वारा खाली स्टॉम्प में नोटरी की गई है।  ये सारा गौरखधंधा पिछले तीन दिन से आर्मी भर्ती के दौरान बनबसा आर्मी छावनी के अंदर चल रहा है। वही अभी तक एआरओ पिथौरागढ़ टीम द्वारा इस तरह का अनैतिक कार्य कर रहे लोगो पर कोई एक्शन नही लिया गया है।

इस सारे प्रकरण में कुछ बड़े सवाल है जो इस बात की ओर इशारा कर रहे है कि आर्मी केंट के अंदर इस तरह का धंधा चला युवाओ को चपत लगा रहे लोगो को किसी ना किसी का संरक्षण प्राप्त है।वही कुछ महत्वपूर्ण सवाल है जो इस मामले को ओर गम्भीर बनाते है…..

1- सबसे बड़ा सवाल यह है कि आर्मी परिसर के अंदर स्टॉम्प बेचने की इन लोगो को आखिर परमिशन कहा से किस एजेंसी द्वारा दी गई।

2- सेना भर्ती जब उत्तराखण्ड के अभ्यर्थीर्यों के लिए चल रही है तो यूपी के स्टॉम्प आखिर एआरओ टीम द्वारा क्यों चलाये जा रहे है। जबकि उत्तराखण्ड सरकार बहुत पहले ही सूबे में ई स्टॉम्प जारी कर इस तरह के स्टॉम्प पेपरों को सिस्टम से बाहर कर चुकी है।

3- भर्ती के दौरान सीसीटीवी लगाने का कार्य कर रहे इन लोगो के इस तरह के अनैतिक कार्य की एआरओ को अभी तक भनक क्यो नही लग पाई।

4- आर्मी परिसर में भर्ती स्थल के पास सेकड़ो की संख्या में ब्लेंक स्टॉम्प पेपर केंटीन चला रहे युवक के पास कहा से आये।

5- किसी भी शपत पत्र में स्टॉम्प में नोटरी वकील शपत पत्र बना रहे व्यक्ति के सामने ही साइन करता है। इन स्टॉम्प पेपरों में आखिर वो कौन वकील है जिसने सेकड़ो ब्लेंक स्टॉम्प  पेपर नोटरी कर उत्तराखण्ड भेज दिए।

फिलहाल इस सारे प्रकरण से यह पता चलता है कि भर्ती में आने वाले सेकड़ो युवाओ से लाभ लेने के उद्देश्य से इस गौरखधंदे को आर्मी भर्ती के दौरान चलाया जा रहा था।फिलहाल इस पूरे प्रकरण पर एआरओ के कोई भी अधिकारी आधिकारिक रूप से इस मामले में सामने नही आये है।फिर भी इस मामले के चर्चाओं में आने के बाद एआरओ टीम से उम्मीद की जा रही है कि जो लोग आर्मी भर्ती स्थल पर ही इस तरह के कार्यो को अंजाम दे रहे है उनके खिलाफ जांच कर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जिससे रोजगार की तलाश में बनबसा भर्ती में पहुँच रहे सेकड़ो युवाओ को इन लोगो के चुंगल से बचा आर्थिक रूप में लूटने से बचाया जा सके।

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