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उत्तर भारत का सुप्रसिद्ध तीर्थ माँ पूर्णागिरि धाम

चंपावत जिले के पूर्णा पर्वत टनकपुर में है विध्यमान

दी टॉप टैन न्यूज़(टनकपुर)- आपको हम उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध तीर्थ माँ पूर्णागिरि धाम से आज रूबरू कराते है।उत्तराखण्ड के चम्पावत जिले के टनकपुर तहसील क्षेत्र में पूर्णा पर्वत श्रखला में विद्यमान माँ पूर्णागिरि का धाम देश के इक्यावन शक्ति पीठो में से एक है। जो कि माँ के नाभि स्थल के दर्शनाथ पूरे भारत वर्ष में जाना जाता है। हर साल देश भर वरन पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल से भी लाखों श्रद्धालु माँ पूर्णागिरि के दर्शन पा अपनी मनोकामनाओं को पाते है।

माँ पूर्णागिरि के चरण स्थल पर बहती मनोहारी शारदा नहर इस तीर्थ स्थल की शोभा को ओर ज्यादा शोभायमान करती है।माँ पूर्णागिरि के यात्रा मार्ग में पड़ने वाले झूठा मंदिर व काली मंदिर भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। देश के विभिन्न अंचलों से पहुँचने वाले लाखों श्रद्धालु टनकपुर में शारदा घाट पर स्नान कर माँ पूर्णागिरि के दर्शन प्राप्त करते है। वही दर्शन उपरांत माँ पूर्णागिरि की यात्रा तभी पूर्ण मानी जाती है जब तीर्थ यात्री माँ के दर्शनों को प्राप्त कर नेपाल के ब्रह्मदेव नामक स्थान में स्थित सिद्धबाबा मंदिर के दर्शन प्राप्त करते है। माँ पूर्णागिरि के दर्शन करने को आने वाले श्रद्धालु बह्मदेव बाबा के दर्शन करने नेपाल जरूर पहुँचते है।

यह यात्रा भारत व नेपाल दोनों देशों के धार्मिक जुड़ाव को भी प्रदर्शित करती है। हर वर्ष होली पर्व के अगले दिन से चलने वाले तीन माह के सरकारी मेले में लाखो माँ के भक्तों आगमन इस पवित्र धाम में होता है। वैसे माँ पूर्णागिरि का धाम वर्ष भर श्रद्धालुओ के दर्शनाथ खुला रहता है।उत्तराखण्ड के पवित्र धर्म स्थलों में से एक माँ पूर्णागिरि धाम प्रमुख है।जो कि भारत व नेपाल के लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है।

इसलिए दी टॉप टैन न्यूज़ आप सभी को माँ पूर्णागिरि की अलौलिक शक्ति को लिए आस्था के इस केंद्र में एक बार जरूर आने की कामना करता है। आप सभी आइये व माँ पूर्णागिरि के नाभि स्थल के रूप में विराजमान माँ पूर्णागिरि के आलौकिक रूप के दर्शन कर खुद को धन्य कीजिये..जय माता दी..

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